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Dharmendra Singh

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February 18, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

पूर्वजों के श्रेष्ठ संस्कारों को अपना कर नई पीढ़ी का मार्ग प्रशस्त करें – मुनि निष्पक्ष सागर जी महाराज दर्शनार्थ पहुंचे पूर्व नपाध्यक्ष कैलाश परमार को सेवा सुलभता और सदाचरण बनाए रखने का दिया आशीर्वाद

आष्टा /किरण रांका
कुल संस्कार आपके ऊपर बुजुर्गों के उपकार हैं । संस्कारित जीवन अगली पीढ़ी के लिये आदर्श बन जाता है आचरण और कथन में समरूपता किसी जनप्रतिनिधि का सबसे पहला गुण होना चाहिए आप मे यह गुण विद्यमान है इसे अपने उत्तरवर्तियो तक पहुंचाए । निर्दोष परम्पराओं के पालन में प्रतिबद्धता रहे और वह यथानुरूप बढ़ती भी रहे यह आशीर्वचन दिव्योदय तीर्थ किला मन्दिर में विराजमान मुनि निष्पक्ष सागर जी मुनि निष्कम्प सागरजी मुनि निस्पृह सागरजी तथा मुनि निष्काम सागर जी के दर्शनार्थ पहुंचे पूर्व नपाध्यक्ष कैलाश परमार को जिज्ञाषा समाधान के रूप में मुनि संघ ने दिए । विराजित साधु संघ ने धर्म , संस्कृति , जैन सिद्धान्तों के साथ ही शाकाहार , पर्यावरण प्रियता और प्राकृतिक जीवन शैली अपनाने का संदेश भी दिया ।
नगर में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के प्रभावक शिष्यों का पावन वर्षा योग चल रहा है । कठोर तपस्चर्या , उत्कृष्ट साधना , दर्शनीय त्याग और ज्ञान ध्यान शिविर में श्रावकों को शिक्षित करते दिगम्बर साधु संघ के चातुर्मास प्रवास का लाभ जैनेतर भक्त भी ले रहे हैं । ज्ञान चर्चा में संघ प्रमुख मुनि निष्पक्ष सागर जी ने कहा कि अपरिग्रही साधु के पास देने को केवल आशीर्वाद ही होता है । साधु धर्म के निर्वहन का लक्ष्य आत्म कल्याण होता है । साधु अपनी चर्या और स्वाध्याय से श्रावक जन को आत्म कल्याण के लिए प्रेरित करते हैं । मुनि के पास जो कुछ भी अच्छा है वह उनके सद्गुरु की कृपा से है ।
निष्कम्प सागर जी महाराज ने पूर्व नपाध्यक्ष को आशीर्वाद स्वरूप आचार्य गुरुवर विद्यासागरजी महाराज का रजत चित्र और चरण चिन्ह प्रदान करते हुए सदाचरण , स्वाध्याय और सेवा सुलभता बनाए रखने का आशीर्वाद दिया । संघस्थ मुनि निस्पृह सागरजी एवम मुनि निष्काम सागर जी ने अपने संदेश में कहा कि मौन महापुरुषों की साधना का प्रमुख तत्व है । साधक धर्म प्रभावना के लिये मौन साधना और प्रखर धर्म सम्मत आचरण को प्राथमिकता देते हैं । एक प्रतिनिधि का यह दायित्व है कि वह भी अपने आचरण से जनसमुदाय को प्रभावित और प्रेरित करे । मुनि निस्पृह सागर जी महाराज ने पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए घातक पॉलीथिन के अत्यधिक उपयोग तथा जल अपव्यय और युवाओं में फास्टफूड के बढ़ते प्रचलन पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे अभियान पूर्वक रोकने का आव्हान किया । पूर्व नपाध्यक्ष कैलाश परमार के साथ गुरुभक्त सुनील प्रगति , वीरम श्रीमोड़ , संजय जैन किला, मुनि सेवा समिति के अध्यक्ष संदीप जैन , ललित जैन सहित समिति के अन्य पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भी मुनि संघ के संदेश के अनुरूप धर्म प्रभावना बढ़ाने और समाज मे जागृति फैलाने का संकल्प लिया ।