Chief Editor

Dharmendra Singh

Office address -: hanuman colony gole ka mandir gwalior (m.p.) Production office-:D304, 3rd floor sector 10 noida Delhi Mobile number-: 9806239561, 9425909162

February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728  
February 15, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

‘‘मैं हूं अभिमन्यु’’ अभियान के तहत पुलिस ने बेटियों को वितरित की शिक्षण सामग्री एवं अपराधों प्रति किया जागरूक

🔴 जंगल के रास्ते जा रही दो मासूम बेटियों को एक हाथ में टूटी चप्पल लिए देख एसडीओपी बेहट ने दिये स्कूल बैग, यूनिफार्म, रजिस्टर व जूते मौजे और पुलिस गाड़ी से घर भिजवाया।

ग्वालियर। 11.10.2024। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर संपूर्ण प्रदेश में दिनांक 03.10.2024 से 12.10.2024 तक दस दिवसीय ‘‘मैं हूं अभिमन्यु’’ अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के अनुक्रम में ग्वालियर पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री राकेश कुमार सगर,भापुसे के निर्देश पर तथा अति. पुलिस अधीक्षक(मध्य) श्री अखिलेश रैनवाल के मार्गदर्शन में ‘‘मैं हूं अभिमन्यु’’ अभियान चलाया जा रहा है।

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा नारी सशक्तिकरण व सुरक्षा के उद्देश्य से ‘‘मैं हूँ अभिमन्यु‘‘ अभियान चलाया गया है जिसका उद्देश्य समाज में महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा व समानता की भावना को बढ़ाना है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों परिपालन में ग्वालियर में ‘‘मैं हूं अभिमन्यु’’ अभियान के तहत चित्रकला, भाषण, पोस्टर, बैनर व सोशल मीडिया के माध्यम से आमजन को जागरूक किया जा रहा है। एसडीओपी बेहट श्री संतोष कुमार पटेल को सोनी गाँव से उटीला की ओर जाते वक्त दो बच्चियाँ जंगल के रास्ते से जाते हुए मिली। एक बेटी के हाथ में टूटी हुई चप्पल देख पुलिस ने दोनों को रोका तो पता चला कि वह स्कूल से घर वापस लौट रही हैं। एसडीओपी बेहट द्वारा दोनों बेटियों को सबसे पहले स्कूल ड्रेस दिया और फिर शिक्षण सामग्री के साथ पिट्ठू बैग व जूते मौजे दिये। उसके बाद पुलिस गाड़ी से दोनों बच्चियों को उनके घर तक छोड़ा। एसडीओपी बेहट संतोष पटेल ने बेटियों को शिक्षा के लिए डेली स्कूल जाने की समझाईश दी एवं ‘‘मैं हूं अभिमन्यु’’ के तहत बेटियों को गुड टच बैड टच एवं ईव टीजिंग आदि के संबंध में जानकारी देकर जागरूक किया गया और सभी को बेटी की पेटी और निर्भया मोबाइल व 100 डायल आदि की उपयोगिता के बारे में बताया गया। जब दोनों बच्चियां दौड़कर अपने घर में गयीं तो पुलिस की जमकर सराहना की।