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Dharmendra Singh

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February 18, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

उद्यानकी मंत्री श्री कुशवाह नागपुर में आयोजित राष्ट्रीय कृषि मेले में हुए शामिल
उद्यानिकी की फसलों के उत्पादन में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी
ग्वालियर 23 नवम्बर 2024/ उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह शनिवार को नागपुर में एग्रोविजन राष्ट्रीय कृषि मेले में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है। मध्यप्रदेश में खाद्य प्र-संस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए बेहतर माहौल है। उन्होंने कहा कि खाद्य प्र-संस्करण के क्षेत्र में काम करने वाली इकाइयों को केंद्र के साथ राज्य सरकार भी विशेष अनुदान मुहैया कराती है।
मंत्री श्री कुशवाह ने कृषि मेले में केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी से भेंट की और मेले के आयोजन  को कृषकों के हित में बताया। उन्होंने कहा कि एग्रोविजन मेले में स्टार्टअप्स एवं नवीन तकनीकियों, उन्नत खाद्य एवं बीज, कृषि उपकरणों के प्रदर्शन के साथ किसान भाईयों और उद्यमियों को नवीन इकाइयों की स्थापना के लिये शासन की योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। इससे वे योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि इस तरह के मेले देश के अन्य राज्यों में भी आयोजित किया जाना चाहिए।
मंत्री श्री कुशवाह ने राष्ट्रीय कृषि मेले  में शामिल हुई विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधियों से चर्चा कर,  उन्हें मध्यप्रदेश आने का  आमंत्रण दिया। श्री कुशवाह ने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्यानिकी के क्षेत्र में प्रचुर संभावनाएं हैं। वर्ष 2023-24 में 4.30 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में उद्यानिकी फसलों की बोनी की गई, इसमें 96 लाख 11 हजार मीट्रिक टन से अधिक उद्यानिकी फसलों का उत्पादन हुआ है,  जो रिकॉर्ड है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश देश में संतरा, टमाटर, धनिया, लहसुन और मसाला फसलों के उत्पादन में प्रथम स्थान रखता है। राज्य सरकार खाद्य प्र-संस्करण के क्षेत्र में करने वाली इकाइयों को प्रोत्साहित कर रही है, मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के अंतर्गत 5 वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है इस कारण भारत सरकार द्वारा प्रदेश में इस योजना की अवधि एक वर्ष और बढ़ा दी गई है अब यह योजना प्रदेश में मार्च 2025 तक प्रभावी रहेगी। योजना में खाद्य प्र-संस्करण के क्षेत्र में काम करने वाली निजी इकाइयों को 35% या अधिकतम 10 लाख रुपए तक अनुदान दिया जाता है
इस अवसर पर प्रमुख सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण श्री अनुपम राजन, आयुक्त हथकरघा एवं प्रबंध संचालक संत रविदास हस्तशिल्प विकास निगम श्री मदन कुमार सहित विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।