ब्यूरो चीफ मुकेश अम्बे



जुलवानिया– दुख कहकर नहीं आता है भगवान राम को राज्य मिलने वाला था लेकिन उन्हें वनवास मिल गया था दुख के समय भगवान हमारे साथ रहते हैं, शब्द की मर्यादा होती है जिस प्रकार महाभारत में द्रोपदी के शब्द से महाभारत हो गई उसी प्रकार हमें भी अपने जीवन में संयम शब्दों का प्रयोग करना चाहिए शिशुपाल ने भगवान कृष्ण का अपशब्दों से अपमान किया था लेकिन भगवान उसे माफ करते रहे लेकिन जब अहंकारी का अहंकार खत्म नहीं होता तो उसका वध करना भी जरूरी हो जाता है यह बात श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन व्यास पीठ से कथा वाचक देवकीनंदन बिल्लो रे ने कही
हिंदू जागरण मातृ शक्ति मंडल द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा मैं व्यासपीठ से कथावाचक ने कहा कि जिस पर राम की कृपा होती है वह पत्थर भी जल में तर जाते हैं पठान जैसी फिल्म हमारे हिंदू धर्म का अपमान करती है और हम अपने पैसे से उस विधर्मी का घर घर पे हैं यह भी हमारे लिए पाप के समान है इसलिए जो हमारे धर्म का अपमान करें उसे सहयोग नहीं करना चाहिए श्रीमद् भागवत कथा का दूसरे दिन के यजमान विजय साहू गोलू पटेल ने भागवत कथा का पूजन किया प्रसादी वितरण श्रीमती शोभा साहू एवं श्रीवास परिवार की ओर से भाटी गई वही श्रीमती माया देवी यादव की ओर से चाय प्रसादी श्रीमद् भागवत कथा में रखी गई इस दौरान सुधा शर्मा, माया देवी यादव, साधना शर्मा प्रेमलता साहू शोभा साहू सुषमा साहू आशा साहू दुर्गा यादव मौजूद थे

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