Chief Editor

Dharmendra Singh

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March 1, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

Month: January 2026

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आदेश : प्रतिनियुक्ति समाप्त होने पर BRC भंवर को हटाया,महेन्द्र सोलंकी बने नये BRC,पदभार किया ग्रहण सरदारपुर से राहुल राठौड़...

शीतलहर के चलते नर्सरी से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों को दो दिन का अवकाश| जबलपुर।शीतलहर और लगातार गिरते तापमान...

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लोकेशन बीजापुरमेघा जुमड़े माओवादियों के द्वारा लगाये गये प्रेशर IED ब्लास्ट होने से कोरचोली का ग्रामीण गंभीर रूप से घायल...

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  *जयपुर में सेना दिवस परेड का आयोजन प्रदेश के लिए गर्व एवं हर्ष का विषय - मुख्य सचिव* *-...

*देवगढ़ में आबकारी दल की कार्यवाही, देशी विदेशी मदिरा सहित महुआ शराब बरामद*   *कलेक्टर के निर्देश पर आबकारी द्वारा...

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*हिन्दू उत्सव समिति राजोद की नवीन कार्यकारी का गठन हुआ* सरदारपुर से राहुल राठौड़  सरदारपुर -राजोद अयोध्या श्री राम जन्मभूमि रामलला...

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  जिला चिकित्सालय में सुमित अग्रवाल मित्र मंडल का सराहनीय सेवा कार्य 100 उच्च गुणवत्ता के कंबल मरीजों व अटेंडेंट...

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महाराष्ट्र राज्य जिला गडचिरोली भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती पर आष्टी पोलीस स्टेशन PSI श्रीमती अपेक्षा मेश्राम ने किया नमन…. आष्टी PSI श्रीमती अपेक्षा मेश्राम जनसमूह को संबोधित करते हुवे कहा की आधुनिक भारत की पहली महिला शिक्षिका और समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती समारोह का आयोजन अनखोडा गाव के नागरिक द्वारा किया गया था l आधुनिक भारत की पहली महिला शिक्षिका और समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती समारोह में सभी पदाधिकारियों द्वारा सावित्रीबाई फुले के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया गया। सावित्रीबाई फुले ने अपना पूरा जीवन समाज के वंचित वर्गों और महिलाओं के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 को हुआ था। इनके पिता का नाम खन्दोजी नैवेसे और माता का नाम लक्ष्मीबाई था। सावित्रीबाई फुले का विवाह मात्र 09 साल की उम्र में 1841 में महात्मा ज्योतिराव फुले से हुआ था। सावित्रीबाई फुले भारत के पहले बालिका विद्यालय की पहली प्रिंसिपल बनी l सावित्रीबाई का संघर्ष केवल शिक्षा तक ही सीमित नहीं था बल्कि इन्होंने छुआछूत, बाल विवाह और सती प्रथा जैसी कुरीतियों के खिलाफ डटकर लड़ाई लड़ी। इन्होंने विधवाओं के मुंडन को रोकने के लिए नाईयों की हड़ताल आयोजित की और ‘बालहत्या प्रतिबंधक गृह’ की स्थापना की। इन्होंने दलितों और पिछड़ों के लिए अपने घर का पानी का हौद खोल दिया, जो उस समय के समाज में एक बहुत बड़ा क्रांतिकारी कदम था। सावित्रीबाई एक संवेदनशील कवयित्री भी थीं। इनकी प्रसिद्ध कृतियों में ‘काव्य फुले’ और ‘बावनकशी सुबोध रत्नाकर’ शामिल हैं, जिसमें इन्होंने शिक्षा और समानता का संदेश दिया है। 1897 में जब पुणे में ‘प्लेग’ की महामारी फैली, तो वे रोगियों की सेवा करते हुए खुद इस बीमारी की चपेट में आ गईं और 10 मार्च 1897 को उनका निधन हो गया। जयंती समारोह में अनखोडा गाव के सभी नागरिक उपस्थित थे l महेश पांडुरंग शेंडे की रिपोर्ट…

    महेश पांडुरंग शेंडे की रिपोर्ट... महाराष्ट्र राज्य जिला गडचिरोली भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती...

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महाराष्ट्र राज्य जिला गडचिरोली     भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती पर आष्टी पोलीस स्टेशन PSI...